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by I am what I am
सफेदपोश हुक्मरानों की बंद कमरों की साजिशें और मोहरे बनते बेबस आम नागरिक! जब हुकूमत की नजरों में अवाम इंसान नहीं, सिर्फ सत्ता की हवस और जंग का ईंधन बन जाए, तो राष्ट्रभक्ति के नाम पर रूह कंपा देने वाला छल होता है। प्रयोगशालाओं में चुपचाप घोंटी जाती सांसें, सीलबंद फाइलों में दफ्न होते जिस्म और राष्ट्रीय सुरक्षा के खोखले नारों के पीछे अपने ही नागरिकों की चढ़ती बलि। यह कहानी है उस अंधी व्यवस्था की, जिसने देश की रक्षा के नाम पर अपने ही लोगों को क्रूर प्रयोगों की भट्टी में झोंक दिया।