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by Miss Teacher
स्विच दबाइए और कमरा रोशनी से भर जाता है। फ़ोन को प्लग में लगाइए और वह फिर से जाग उठता है। बिजली इतनी आम
चीज़ है कि हम उस पर ध्यान ही नहीं देते — जब तक बिजली चली न जाए। फिर भी इंसान के लगभग पूरे इतिहास में किसी को
पता नहीं था कि बिजली है क्या। लोग उसे बस रगड़े हुए अंबर (amber) के टुकड़े की चिंगारी, एक अजीब मछली के झटके , या
आसमान में कड़कती डरावनी बिजली के रूप में देखते थे।
यह किताब बताती है कि यह सब कै से बदला। कहानी 2,600 साल पहले प्राचीन यूनान (Greece) में शुरू होती है और उन
विचारों पर ख़त्म होती है जिनकी जाँच अभी इसी समय हो रही है: अंतरिक्ष में बने बिजलीघर जो धरती पर ऊर्जा भेजेंगे, और
ऐसी मशीनें जो सूरज की नक़ल करने की कोशिश कर रही हैं।